बिजली की चमक बहुत पहले मिसमी देश में आवावा नाम का आदमी रहता था । उसकी एक बहुत सुन्दर लड़की थी जिसका नाम ओमफलान था । आवावा के घर के पास पहा...
बिजली की चमक
बहुत पहले मिसमी देश में आवावा नाम का
आदमी रहता था । उसकी एक बहुत सुन्दर लड़की थी जिसका नाम ओमफलान था । आवावा के घर
के पास पहाड़ में एक सिङ् फुङ नाम का प्रेत रहता था जो प्रोमफलान से शादी करना
चाहता था । लेकिन बाप बेटी में से किसी को भी यह रिश्ता मंजूर नहीं था । सिङ् फुङ
हर वक्त उसकी बेटी को भगा ले जाने की ताक में रहता था।
एक दिन आवावा को किसी काम से बाहर जाना
पड़ा । ओमफलान अमान के पेड़ से पके फल तोड़ने के लिए बाग में चली गई । वह पेड़ पर
चढ़कर फल तोड़ने ही लगी थी कि उसने सिङ फुङ को अपनी ओर आता देखा । ओमफलान पेड़ से
उतर कर तेजी से अपने घर की ओर भागी । सिङ फुङ ने उसका पीछा किया । उससे बचने के
लिए प्रोमफलान एक पेड़ के खोखले में छुप गई । सिङ फुङ पेड़ के सामने खड़ा होकर
बोला , " हे मेरी प्रिया , तुम इस भयावह
पेड़ के खोखल से निकल आयो । यहां विषाक्त सांप और बिच्छू रहते है । वे तुम्हें
नुकसान पहुंचाएंगे। "
किन्तु ओमफलान खोखल के भीतर रो रही थी
। उसे सांप और बिच्छू का उतना डर नहीं था जितना कि सिङ फुङ प्रेत का डर था । इसी
प्रकार खोखल में छिपे हुए शाम हो गई । सिङ् पुङ भी वहीं खड़ा रहा । आकाश में तारे
चमकने लगे । रोते हुए प्रोमफलान ने तारों से प्रार्थना की कि वे उसकी मदद करें।
उसका दुख देखकर एक तारे को उस पर दया आई
। वह खोखल में आया और प्रोमफलान को अपने साथ उड़ा कर आकाश में ले गया।
सिङ फुङ ओमफलान को तारे के साथ आकाश
में जाते देख कर हैरान रह गया । वह भी तारों से प्रार्थना करने लगा कि उसे भी
अोमफलान के पास आकाश में ले चलें । ओमफलान यह जानकर भयभीत हो गई और तारे से बोली ,
“ मुझे
जैसे भी हो उस दुश्मन से बचानो । "
ओमकलान की व्यथा को सुनकर तारे ने अपने
मित्र तामा - प्रोक नामक मेघ देवता से कहा , " मित्र , सिङ
फुङ को यहां न आने दो , उसे मार डालो । " तामा - प्रोक ने गरज कर
उस पर अपना वज्र मारा । सिङ फुङ जल कर राख हो गया।
मेघ देवता तामा - ओक ने ओमफलान को सिङ फुङ प्रेत से मुक्ति दिलाकर उससे विवाह कर लिया । आज भी वे सुखी वैवाहिक जीवन बिता रहे हैं । आज भी जब वर्षा के मौसम में बिजली चमकती है , तब मिसमी लोग यह मानते हैं कि बिजली के रूप में प्रोमफलान के पैर चमकते हैं।

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