महाप्रलयकालमें केवल सद्ब्रह्मकी सत्ताका प्रतिपादन , उस निर्गुण निराकार ब्रह्मसे ईश्वरमूर्ति ( सदाशिव ) -का प्राकट्य , सदाशिवद्वारा स्वरूपभूत...
महाप्रलयकालमें केवल सद्ब्रह्मकी सत्ताका प्रतिपादन , उस निर्गुण निराकार ब्रह्मसे ईश्वरमूर्ति ( सदाशिव ) -का प्राकट्य , सदाशिवद्वारा स्वरूपभूता शक्ति ( अम्बिका ) -का प्रकटीकरण , उन दोनोंके द्वारा उत्तम क्षेत्र ( काशी या आनन्दवन ) -का प्रादुर्भाव , शिवके वामांगसे परम पुरुष ( विष्णु ) -का आविर्भाव तथा उनके सकाशसे प्राकृत तत्त्वोंकी क्रमशः उत्पत्तिका वर्णन

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